अचानक उस लड़के ने गाड़ी आगे बढ़ा दी. 50 मीटर बाद गाड़ी रुक गयी और गेट खुला. एक लड़का उतर कर ओट मे हो गया. गाड़ी मूड गयी और 100 मीटर दूर जाकर फिर मूडी. एक और लड़का गाड़ी से उतरा और ओट मे हो गया. 2 मिनिट बाद गाड़ी धीरे से आगे बढ़ने लगी. दोनो लड़के एक साथ ओट से बाहर निकले और निशा पर झपाटे. निशा- कौन हो तुम…क्या चाहते हो… लड़का- अपनी चोंच बंद कर और चुप चाप चल. निशा- कहा चालू …मैं तो तुमको जानती भी नही… दूसरा- चलती है या तेंठूआ कर दू तेरा. पहला- आबे लड़की के तेंठूआ कहा होता है… दूसरा- भोंसड़ी के… तू मुझे सिखाएगा…माल उठा और निकल ले… दोनो ने निशा के हाथ पकड़ लिए थे. निशा चिल्लाने लगी- प्लीज़ मुझे छोड़ दो….मैं ऐसी लड़की नही हू… पहला- कोई बात नही..एक बार हमारे साथ चल…तुझे टॉप की रंडी बनाउन्गा. निशा- छोड़ दो….बचाओ बचाओ… निशा भी ज़ोर आज़माने लगी. पर इतने मे BMW वाहा पहुच गयी और दोनो ने निशा को अंदर डाल दिया. फिर पहला उसे पकड़ कर अंदर बैठ गया और दूसरा दूसरी तरफ से. अंदर बैठते ही उन्होने निशा के मूह पर कपड़ा बाँध दिया. पर निशा ने छूटने की कोशिश नही छोड़ी. वो बेचारी हाथ पाँव मारती रही. इसी आपा धापी मे उसका हाथ एक लड़के की नाक पर पड़ गया और उसने भी पलट कर निशा पर वार कर दिया. निशा एक ही वार मे बेहोश हो गयी. ड्राइव कर रहे तीसरे लड़के ने BMW की स्पीड बढ़ा दी. आगे की सीट पर बैठा चौथा लड़का बोला- अबे सालो कपड़े तो उतारो इसके…रात भर पूजा करोगे क्या इसकी. यह सुन कर पीछे बैठे दोनो लड़के निशा की देह को नंगा करने मे जुट गये. कपड़े टाइट थे इसलिए उतारना मुश्किल हो रहा था और उन तीनो की बेचैनी बढ़ती जा रही थी. उन्होने उसके कपड़े फाड़ना शुरू कर दिया. थोड़ी ही देर मे निशा जन्म-जात नंगी पड़ी थी. उसके गोरा शरीर 4-4 भेड़ियो के सामने नंगा नीचेष्ट था. उसके शरीर पर केवल सेंडल ही बची थी. पहला- हाए क्या जवानी चढ़ि है छोरी पे… तीसरा- साली का रंग तो देखो जैसे चाँद ज़मीन पर उतर आया हो… दूसरा- भाई मुझसे तो रुका नही जा रहा….मैं तो चला… BMW मे काफ़ी स्पेस और लेगरूवूम था. दूसरे लड़के ने इसका भरपूर फायेदा उठाया और निशा की टाँगे खोल कर उसकी चूत को उजागर कर दिया. फिर उसकी चूत की फांके खोल कर उसमे अपनी जीभ डाल कर चोदने लगा. पहला लड़के ने निशा के मम्मो पर धावा बोल रखा था. दोनो की आज़माइश से निशा फिर से होश मे आ गयी थी. पर उसने उन पर ये जाहिर नही होने दिया. अपनी चूत से हो रहे खिलवाड़ से वो उत्तेजित नही हो पा रही थी बल्कि अपनी बेबसी पर उसे रोना आ रहा था. थोड़ी देर बाद BMW रुक गयी. तीसरा (ड्राइव करने वाला)- चलो कुछ खा पी लेते है फिर पूरी रात मज़े लेंगे. चौथा- हा अब सीधे फार्म हाउस पर चलेंगे. निशा को इसी पल का इंतेजार था. दूसरा- तुम जाओ मैं इसकी रखवाली करूँगा. पहला- इतनी देर से कुत्ते की तरह उसकी चूत चाते जा रहा हा. इसके मूत से अपना पेट भरेगा क्या. चल छोड़ इसे. दूसरा- भाई मैं तो इसको तैय्यार कर रहा था. पर हरम्जदि का रस ही नही निकल रहा. चौथा- अबे भोंसड़ी के…बेहोश है तो रस कहा से चोदेगि…. दूसरा- एक बार फार्म हाउस पहुच जाए…फिर पूरी रात इसकी चूत से रस का दरिया बहेगा.. तीसरा- ठीक है. पर अब तो चलो. ये कही नही जाएगी. कार लॉक कर देंगे. दरवाजा खुलेगा तो पता चल जाएगा. चौथा- और फिर बिना कपड़ो के कहा जाएगी. रास्ते के कुत्ते पीछे पड़ जाएँगे इसको चोदने के लिए. इसकी चूत को भोसड़ी बना कर चोदेन्गे….हहहहहा हहाहहाहा –चारो की कामिनी हँसी गूँज उठी. फिर चारो कार को लॉक कर के बार मे चले गये. दूसरे लड़के को पूरा भरोसा नही था इसलिए वो वापस आया और बेहोश निशा के हाथ बाँध दिए. पैर बाँधने लगा तो उस पर बाकी लड़के चिल्लाने लगे. उसने निशा को देखा और उसके निपल की चुम्मि लेकर डोर लॉक कर के चला गया. चारो के जाते ही निशा के दिमाग़ के घोड़े दौड़ने लगे थे. कार से बाहर निकल भी गयी तो इस हालत मे कैसे कहा जाएगी. तन पर एक भी कपड़ा नही था. उसके शरीर से नोचे गये कपड़े तो उन लड़को ने पहले ही बाहर फेंक दिए थे. अब क्या करू ?…आख़िर मे उसने इसी हालत मे बाहर निकलने का फ़ैसला किया. बाहर तो फिर भी बचने के चान्स थे पर अंदर रही तो आज उसकी आज़ादी की आख़िरी रात होगी. यही सोच कर उसने डोर का हॅंडल पकड़ा पर उसे उस लड़के की बात याद आ गयी. गेट खुलते ही साइरन बज जाता और चारो वाहा वापस आ जाते. तभी उसकी दिमाग़ मे बिजली सी कौंधी और वो विंडो का मिरर नीचे करने लगी और बाहर निकल गयी. बाहर निकल कर देखा तो कार रोडसाइड पर पार्क थी और सड़क एकदम सुनसान थी. दूर तक पेड़ ही पेड़ थे. निशा को रास्ते का समझ नही आ रहा था कि किस दिशा मे जाए. उसने कार की पीछे की दिशा मे जाने का फ़ैसला किया. वो सड़क से उतर कर कच्चे मे आ गयी ताकि इस हालत मे सड़क पे चलने वाले वाहनो से बच सके और फिर किसी मुसीबत मे ना फँस जाए. हर कदम के साथ उसकी रफ़्तार बढ़ती गयी. 10 मिनिट के बाद तो वो पूरा ज़ोर लगा कर दौड़ रही थी. बीच-बीच मे वो मूड-उड़ कर देख लेती. अबकी बार उसने मूड कर देखा तो उसे 2 रोशनीया अपनी और आती दिखाई दी. उसकी दिल की तेज धड़कने और तेज हो गयी. वो साइड मे एक पेड़ के पीछे छिप गयी और कार को निकलने दिया. ये वही BMW थी और वो लड़के उसी को ढूँढ रहे थे. दौड़ते दौड़ते हलक सुख चुका था और सांस भी फूल रही थी. वो थोड़ी देर वही बैठ गयी और सांसो को कंट्रोल करने लगी. 2 मिनिट बाद वही BMW फिर वापस आई और तेज़ी से दूसरी दिशा मे निकल गयी. निशा खड़ी हुई और फिर दौड़ने लगी. वो 5 मिनिट ही दौड़ी होगी की फिर वही BMW की तेज लाइट्स उस पर पड़ी. निशा की सांस अटक गयी. अब उसके बचने की कोई उमीद नही थी. वो ज़ोर ज़ोर से चिल्लाने लगी- बचाओ बचाओ… पर किसी ने उसकी आवाज़ नही सुनी उस सुनसान मे. वो फिर दौड़ने लगी. वो बार बार कार से अपनी दूरी का अंदाज़ा लगा रही थी जो कि लगातार कम हो रही थी. लगभग 2-3 मिनिट तक दौड़ने के बाद वो अंधेरे मे किसी से जा टकराई. वाहा अंधेरे मे उसका चेहरा नही दिखाई दे रहा था. पर ये बबलू ना था. निशा गिड़गिदते हुए बोली- प्लीज़ मुझे बचा लो भैया. तभी BMW भी वाहा पहुच गयी. चारो एक साथ नीचे उतरे और उनके हाथो मे हॉकी, बेसबॉल बॅट आदि हथियार थे. पहला- आए श्याने…छोड़ दे लौंडिया को… और फुट ले यहा से. पाँचवा (जिससे निशा जाकर टकराई थी) –भोंसड़ी के अगर गंद मे दम हो तो आकर ले जा. दूसरा- साले इसके साथ तेरी मा-बहन भी चोद देंगे. पाँचवा- “गंद मे हमारी दम नही-हम किसी से कम नही.” पहले इसको तो चोद लो कुत्तो. यह सुन कर चारो और उत्तेजित हो गये और हथियारो के साथ अकेले खड़े पाँचवे पर टूट पड़े. पर ये क्या…चारो अपनी टाँगो पर दौड़ कर आए थे पर उड़ते हुए वापस पहुच गये. पाँचवा- क्यो क्या हुआ. चोदोगे नही इसको. आओ चोद लो. लंड है भी या लूंड हो. उसकी ललकार सुनकर चारो ने हथियार फेंक दिए और ऐसे ही उसको पकड़ने के लिए भागे. पर ये पाँचवा तो वाकई मे उस्ताद था. एक एक कर के चारो की जबरदस्त धुनाई चालू हो गयी. आते जाओ पीटते जाओ. चारो के हर दाँव पर उस अकेले के दाँव भारी थे. 5 मिनिट बाद ही चारो सड़क पर पस्त पड़े थे. निशा अपने रखवाले के पैरो मे गिर पड़ी और रोने लगी- भैया आज आपने मुझे बचा लिया नही तो मैं क्या करती. पाँचवा- जब मुझे भाई कह दिया तो तुझे डरने की कोई ज़रूरत नही है. ये लोग कौन थे और तू इनके साथ कैसे फँस गयी. तभी उसे ध्यान आया कि निशा तो नंगी खड़ी थी. उसने तुरंत उसके हाथ खोले और अपनी शर्ट उतारकर निशा की ओर कर दी – लो पहले इसको पहन लो. दोनो का ध्यान भटका तो चारो ने उसकी टाँगे पकड़ कर उसे नीचे गिरा लिया और उस पर टूट पड़े. निशा की तो चीख ही निकल गयी. वो मदद के लिए इधर उधर देखने लगी. चारो उस लड़के को बेरहमी से मारने लगे – साले आज दिखाते है कि हमारी गंद मे कितना दम है. तभी एक जोरदार किक पाँचवे लड़के को पीट रहे एक लड़के के चेहरे पर पड़ी. उसकी बत्तीसी के सारे दाँत खून के साथ हवा मे उछल गये और वो ज़ोर से दिल दहलाने वाली चिंघाड़ के साथ सड़क पर लम-लेट हो गया. ये देख कर बाकी तीनो नीचे लेटे पाँचवे को भूल गये और सामने देखने लगे. निशा भी चोंक गयी और उस नये मसीहा को देखने लगी. ये हमारा बबलू था. वो कुंगफु का एक्सपर्ट था. बबलू ने एक राउंड किक चलाई और तीनो के सिर टकरा गये और तारे नाचने लगे. बबलू- विक्की…मेरे भाई तू यहा क्या कर रहा है…और ये लोग कौन हैं. पाँचवा- ये चारो इस लड़की के पीछे पड़े थे. आअह… बाबबलू- कौन लड़की… विक्की- वो खड़ी है बेचारी…इन हरमजदो ने उसके कपड़े भी फाड़ दिए…मेरा तो खून खौल गया था..छोड़ूँगा नही इन हरमजदो को. बबलू ने सिर घुमा कर देखा. निशा एक तरफ खड़ी सूबक रही थी. उसके शरीर पर केवल एक शर्ट थी जो बमुश्किल उसकी जाँघो तक पहुच रही थी. बबलू का भी खून खौल गया. बबलू- हराम के पिल्लो. तुमने मेरे भाई समान दोस्त को चार चार ने मिलकर पीटा. मेरी जान की इज़्ज़त पर हाथ डाला. तुमको ऐसा सबक सिखाउन्गा की तुम्हारी मा रोएगी कि तुमको पैदा ही क्यो किया. बबलू का पारा सातवे आसमान पर था. उसने इधर-उधर नज़र दौड़ाई तो उसे निशा के पैरो के पास पड़ी रस्सी दिखाई दी. उसने वो रस्सी उठाई और चारो को एक एक किक मारी. चारो दर्द के मारे दोहरे हो गये. बबलू- अपनी-अपनी पॅंट उतारो. पहला- प्लीज़ हमे छोड़ दो. हमे हमारे किए की सज़ा मिल गयी है. बबलू- बहनचोद तेरे किए की सज़ा तो जितनी दम कम है. अब उतार इसे. चारो दर्द के मारे बहाल थे. पॅंट उतरने के बाद चारो के अंडरवेर भी उतर गये. फिर बबलू ने वाहा पड़ी हॉकी भी उठा ली. बबलू- कभी स्कूल गये हो ? मुर्गा बन जाओ. जिसकी गंद सबसे नीचे होगी उसमे ये हॉकी घुसा दूँगा और मरोडुँगा भी. चारो तुरंत ही मुर्गा बन गये और अपनी गंद उपर पहुचने की होड़ करने लगे. चारो के टटटे और लंड सॉफ दिखाई दे रहे थे. बबलू ने रस्सी उठाई और चारो के टटटे रस्सी से बाँध दिए. दर्द के मारे चारो उठने लगे तो बबलू ने चारो की गंद पर एक एक हॉकी जमा दी. चारो फिर नीचे झुक कर कराहने लगे. बबलू- अब तुम दोनो लेट जाओ और बाकी दोनो इनके उपर 69 पोज़िशन मे लेट जाओ. चारो एक दूसरे का लंड चूसो. जिसका रस सबसे पहले निकलेगा और जो सबसे आख़िर मे दूसरे का रस निकलेगा, दोनो के टट्टो को मैं उखाड़ दूँगा. चलो अब शुरू हो जाओ. चारो ने एक दूसरे के लंडो को चूसना शुरू कर दिया. चारो के दिल बुरी तरह बज रहे थे. जो हारेगा उसका पौरुष आज ख़तम होने वाला था. जल्दबाज़ी मे चारो ने एक दूसरे के लंडो को कई बार अपने दन्तो से छील दिया. पर वो रुके नही. इधर बबलू ने निशा को अपनी बाँहो मे भर लिया- मुझे माफ़ कर दो निशा. उसकी आँखो से आँसू बहने लगे थे. निशा की आँखो मे से भी आँसू बहने लगे. विक्की भी खड़ा हो गया था- भाई आज अंजाने मे मैने अपनी ही भाभी की इज़्ज़त को बचा लिया. भगवान तेरा लाख लाख शुक्रिया है. इधर इनका सीन देख कर चारो धीमे हो गये थे. बबलू ने ज़ोर से चारो की रस्सिया खींच दी….आआआआआआययययययययययययईईईईईई चारो एक स्वर मे चीख पड़े और स्पीड बढ़ा दी. पर टटटे जब बँधे थे तो रस कहा से निकलता. बबलू- सालो तुम कुछ नही कर पाओगे. मुझे ही कुछ करना होगा. विक्की तू कार इधर ले आ. विक्की BMW ले आया. बबलू ने उससे चाबी लेकर किनेटिक की चाबी उसे दे दी और निशा को उसके साथ बिठाकर आगे चलने को कहा. उनके जाने के बाद उसने चाबी मे लगे लाइटर से चारो के कपड़े जला दिए. फिर चारो रस्सियो के सिरे पकड़ कर कार मे ड्राइवर सीट पर आ गया. यह देख कर चारो के चेहरो पर ख़ौफ़ उतर आया. चारो बबलू के रहमोकरम पर थे. बबलू- तुम चारो रस तो निकाल नही पाए. चलो आख़िरी मौका देता हू. चारो कार के साथ दौड़ोगे. जिसके टटटे बच गये सो बच गया. जिसके उखड़ गये सो उखड़ गये… ये कह कर बबलू ने BMW को भगा लिया. अगले 1 मिनिट तक वो इलाक़ा उन चारो की चीखो से गूँजता रहा. एक एक कर के चारो रस्सिया ढीली हो गयी. 2 किमी बाद बबलू कार से उतरा और देखा पीछे कोई नही था. चारो रस्सी ज़मीन पर थी. रस्सी के दूसरे सिरो पर बँधे टट्टो का भी कुछ पता नही था. बबलू ने स्टेआरिंग व्हील को सॉफ किया और कार को वही छोड़ कर पैदल ही चल दिया.
अलीना का आलिंगन ही विक्की के होश उड़ाने के लिए काफ़ी था पर ये चुंबन…अफ…विक्की वाकई मे बावला हो चुका था. समझ नही पा रहा था कि अलीना की इस हरकत का क्या जवाब दे. बेचारा नया नया था ना इस लाइन मे अलीना- आर यू कमिंग ? पर शायद अलीना के लिए ये सब बिल्कुल सामान्य से बात थी. ऑस्ट्रेलिया मे तो किस करना आम बात है. ये सोच कर विक्की ने खुद को रोक लिया और उसका लंड भी काफ़ी समझदार निकला. विक्की- हा..श्योर अलीना- व्हेअर ईज़ दा लाइब्ररी ? विक्की- हियर….दिस वे… अलीना- ओह इट्स हियर….यू मेड इट सो ईज़ी फॉर मी. लेट्स गेट इन. अलीना लाइब्रेरियन के काउंटर के पास पहुचि तो वो वाहा पर नही था. उन्होने बेल बजाई तो अटेंडेंट आ गया. उसने बताया की लाइब्रेरियन की प्रिन्सिपल के साथ मीटिंग है. 15-20 मिनिट मे आ जाएँगे. यह कह कर अटेंडेंट चला गया. उसकी बात सुनकर दोनो ने एक दूसरे का मूह देखा और खिल्किलाकर हंस पड़े. फिर दोनो ने टाइम पास करने के लिए रॅक्स पर से 1-1 बुक उठा ली और रीडिंग सेक्षन की ओर चल पड़े. रीडिंग सेक्षन मे कोई नही था. वाहा पहुच कर विक्की ने अपनी बुक एक टेबल पर रखी और एक चेर को बैठने के लिए खीचा. अलीना ने भी अपनी बुक टेबल रखी पर बुक नीचे गिर पड़ी. विक्की बुक उठाता उससे पहले ही अलीना झुक गयी और विक्की को उसकी छाती पर टँगी नाश्पतियो के दर्शन हो गये. आक्षन का रिक्षन भी तुरंत हुआ. अलीना केबूब्स को देखकर तुरंत ही विक्की का लंड फिर से अंगड़ाइया लेता हुआ खड़ा हो गया. विक्की की पॅंट के आकार मे हुए इस परिवर्तन को अलीना ने भी देख लिया था. शायद इसी का तो अलीना को इंतेजार था. उसे पक्का हो गया कि विक्की अब उसकी जवानी पर मर मिटा है. अलीना- वॉट हॅपंड इन युवर पॅंट्स ? विक्की- नही नही …कुछ भी तो नही.. विक्की सकपका गया था. जैसे उसकी चोरी पकड़ी गयी हो. पर अलीना ने उसकी पॅंट के उभार के उपर अपना हाथ रख दिया. अलीना- फिर ये क्या है…कोई प्राब्लम तो नही है या पर… विक्की- नही…ये…नही…कुछ भी तो नही.. विक्की थोड़ा पीछे हट गया और अलीना खड़ी हो कर उसकी तरफ बढ़ने लगी. अलीना- कही मुझसे तो परेशानी नही है….या मेरे कपड़ो से कुछ… विक्की- न्न्णणन् नई तो… अलीना- तो तुम मुझे से इतना दूर क्यो भाग रहे हो… अलीना की आवाज़ मे मादकता का पुट आता जा रहा था. उसने विक्की की शर्ट का कॉलर पकड़ लिया. विक्की की हालत को बयान करना मेरे बसकी नही है. बेचारा जल बिन मछली की तरह तड़प रहा था. उसे कुछ नही सूझा तो उसने अलीना के सिर को कस कर पकड़ लिया और अपने होठ उसके होंठो पर रख दिए. फिर क्या था. अलीना तो कब से इसी इंतेजार मे थी. जबरदस्त फ्रेंच किस का दौर शुरू हो गया. दोनो की जीबे एक दूसरे के मूह का मुआयना करने लगी. मदहोशी बढ़ती जा रही थी. अलीना ने विक्की के हाथ सिर से उतार कर अपनी छाती पर रख दिए और विक्की से लिपट सी गयी. अलीना की चुचिया विक्की की हथेलियो मे समा गयी. विक्की की तो जन्म-जन्मान्तर की इक्च्छा आज पूरी हो गयी थी. वो दोनो चुचियो को दबाने लगा. हाए… दोनो चुचिया टेन्निस की बॉल की तरह सख़्त थी पर दबाने मे नरम भी थी. शेप एकदम गोल था. हा साइज़ ज़रूर थोड़ा बड़ा था. पता नही कितनी देर आँखे बंद करके वो दोनो एक दूसरे की बाँहो मे लिपटे खड़े रहे और एक दूसरे के होंठो को चूस्ते रहे. थोड़ी देर बाद विक्की ने आँखे खोली और अलीना को प्यार से हिलाया पर वो टस से मस ना हुई. दोनो की जवानिया एक दूसरे मे समा जाने को बेताब हो रही थी. विक्की ने अलीना को पलट लिया और उसकी कमर को अपनी छाती से सटा लिया. अब विक्की को अलीना की चुचियो की सेवा करना आसान हो गया था. उसने एक हाथ संडो के गहरे गले मे से उसकी क्लीवेज मे सरका दिया. अलीना कुछ ना बोली…बस एक हल्की सिसकारी निकल गयी थी….पर विक्की का हाथ रुका नही. वो बढ़ता हुआ सीधे अलीना के चुचियो पर जाकर ही रुका. हाए…क्या चिकनी मलाई छाप थी. विक्की उनको दबाने से पहले पूरा हथेली मे भर कर होलो-होल सहलाने का लालच छोड़ नही पाया. अलीना के निपल एकदम कड़े हो चुके थे. जब तब दब जाते और अलीना की जान ही निकल जाती. विक्की का लंड फुल साइज़ तक फूल चुका था और जीन्स को फाड़ कर बाहर आने के लिए पूरा तैय्यार था. अलीना तो बस आँखे बंद कर के इंतेजार ही कर कर रही थी. उसने खुद ही तो जलते तवे पर हाथ रख दिया था. विक्की का दूसरा हाथ क्यो इस स्वर्गिय अनुभव से क्यो मरहूम रहता. वो भी घुस गया अलीना की संडो मे…पर नीचे से. अब अलीना की दोनो टेन्निस बॉल्स विक्की की क़ैद मे थे. विक्की के लिए अब रुकना असंभव हो रहा था. जब खरबूजा खुद काटने को तैय्यार हो तो चाकू को कहे की शरम. अलीना को ही कोई ऐतराज नही तो विक्की की भी हिम्मत बढ़ती जा रही थी. विक्की ने एक हाथ बाहर निकाल लिया और अलीना के मूह से सहलाते हुए उसकी जीन्स तक पहुच गया की तभी रीडिंग रूम तालियो और हँसी की आवाज़ो से गूँज उठा. लड़की 1- मान गये अलीना. लड़का 1- सुपर्ब. पटा लिया इसको भी तूने. लड़की 2- तू जीत गयी अलीना…ये ले तेरे 1000 रुपये. अलीना-मैने कहा था ना कि कोई लड़का मुझसे नही भाग सकता. मैं जिसे चाहू अपने कदमो मे गिरा सकती हू. लड़की3- यू आर ग्रेट अलीना. वी बो अट यू. लड़का2- हमे तो लगा कि तू ही पट गयी इस से. अलीना- इस से स्मार्ट तो हमारे नौकर है. ये तो बस मेरी शर्त का सवाल था. हा. विक्की हक्का बक्का रह गया था. उसे समझ नही आया कि वो रोए या हँसे. अलीना ने उसकी मासूमियत का मज़ाक बना दिया था वो भी पूरे कॉलेज के सामने. अलीना ने उसके दिल के साथ खेला था. बड़ी मुश्किल से उसने अपने आँसू रोके थे. उसने जब आख़िरी बार अलीना की ओर देखा तो उसकी हँसी विक्की के दिल मे काँटे की तरह चुभ गयी थी. विक्की शाम को साउत एक्स मार्केट भी नही आया था. सनडे को भी नही आया तो हम दोनो उसके घर पहुच गये. पर आंटी ने कहा कि वो कल से ही कमरे मे बंद है. तुम्हारी कोई लड़ाई तो नही हुई है. यह सुन कर हमने बहुत दरवाजा पीटा पर उसने नही खोला. मंडे को पूरे कॉलेज मे ये बात फैल चुकी थी. हर कोई विक्की को हिकारत की नज़र से देख रहा था कि कैसे अलीना ने उसको बुद्धू बनाया और वो जाल मे फँस गया. सबके साथ नीता को भी पता चल गया था. उसके बाद उसने उसने एक बार भी विक्की की ओर नही देखा था. कुछ दिन बीतने के साथ कॉलेज तो सब भूल गया पर नीता नही भूली. अलीना ने ना केवल विक्की के साथ भद्दा मज़ाक किया था बल्कि नीता को भी उस से दूर कर दिया था…शायद सदा के लिए. पहला प्यार जिंदगी भर का नासूर बन जाता है. जिंदगी भर तड़पता है. विक्की भी तड़प रहा था. उसकी अंजाने मे हुई ग़लती की इतनी बड़ी सज़ा ??? क्या समझा होगा नीता ने. बॅकिकॉलेज की उसे परवाह नही थी. उन दोनो के पनपते प्यार के अंकुर को अलीना ने बड़ी बेरहमी से कुचल दिया था. आख़िर एक दिन विक्की हमारे पास आया. हमारे कुछ बोलने से पहले ही उसकी रुलाई फुट पड़ी. उसका रोना देख कर हम दोनो भौचक्के रह गये थे. अकेला 5-7 को पीट देने वाला विक्की आख़िर किस बात से इतना टूट गया था की इस तरह बिलख रहा था. हमेशा उसने ही हमे हर मुसीबत से बचाया था. आज वो ही मुसीबत मे था. जिगरी दोस्त की आँखो मे आँसू देख कर हम दोनो की आँखे भी भर आई थी. आशु- कमीने क्या हो गया तुझे, बता तो सही. बबलू- खुद भी रो रहा है और हमे भी रुला रहा है. बताता क्यो नही की क्या हुआ है. पर वो रोता ही रहा. आशु ने एक पानी की बॉटल ली और उसको पिला कर उसका मूह धुल्वाया. इसके बाद वो थोडा संयत हुआ और अपनी आपबीती सुनने लगा. बबलू- भोंसड़ी के! अब तक कहा गंद मरा रहा था. आशु- इसको बाद मे गाली दियो…पहले उस लड़की की सोच. बबलू- उस हरम्जदि का तो खानदान चोद देंगे हम. कामिनजादि…ब*ह*न की लोदी…साली…(बाकी गलिया नही लिख रहा हू, बहुत ही गंदी थी ) आशु- उसके खानदान को क्यो बीच मे लाता है…वो खुद ही चुदेगि…वो भी हमारा विक्की ही तोड़ेगा उसकी चूत को… बबलू- केवल चूत नही…हर छेद चुदेगा उसका. आशु- हमारे दोस्त की बे-इज़्ज़ती का मज़ा तो चखना पड़ेगा ना. बबलू- अगर बदला ना लिया तो धिक्कार है हमारी दोस्ती पे………… हमारी बातो से मिली राहत विक्की के चेहरे से झलक रही थी. आत्म-ग्लानि की भावना अब प्रतिशोद की ज्वाला मे बदल चुकी थी. चाहे जो भी हो जाता पर अलीना को अब खुदा भी नही बचा सकता था.