अजब प्रेम की गजब कहानी

डिंपल- स्वीटी को घूर कर देखती हुई तू फिर शुरू हो गई

स्वीटी- अरे मेरी जान मैं तो मज़ाक कर रही हू

डिंपल- ले चाइ और फिर दोनो अपने-अपने कप लेकर बाहर आ जाती है और सोफे पर बैठ ते हुए चाइ की चुस्किया लेने लगती

है,

स्वीटी- यार कुछ भी कह तेरा भाई जिस दिन हमारे कॉलेज मे आ जाएगा सबसे पहले मैं ही लाइन देना शुरू कर दूँगी उसे

मुझे तो बहुत प्यारा लगता है, कितना चिकना और स्मार्ट है ना

डिंपल- खबरदार जो अपनी गंदी नज़र मेरे भाई पर डाली तो

स्वीटी- क्यो अगर मैं उसे टच करूँगी तो तुझे मुझसे जलन होगी क्या

डिंपल- अपना मूह बना कर मुझे क्यो जलन होने लगी

स्वीटी- पर तेरा चेहरा तो ऐसा ही लग रहा है

डिंपल- तू बेकार मे परेशान हो रही है जबकि मेरा भाई तो तुझे बहुत पकाऊ और बोर समझता है

स्वीटी- अरे मेरी जान जिस दिन मैने उसे अपना कसा हुआ बदन नंगा करके दिखा दिया ना उस दिन वह मुझे अपनी बाँहो मे भरने को तड़प उठेगा

डिंपल- वह तुझ जैसा गंदा नही है

स्वीटी- अच्छा क्या वह लड़कियो के दूध और गंद को नही देखता है

डिंपल- बिल्कुल नही

स्वीटी- ठीक है मैं भी तुझे दिखा दूँगी कि वह भी लड़कियो को अपनी बाँहो मे भर कर मसल्ने के लिए कितना बेकरार

है

डिंपल- मैं अपने भाई को तुझ से ज़्यादा जानती हू, वह थोड़ा शरारती ज़रूर है पर उसमे ऐसे गुण नही है

स्वीटी- अच्छा कभी उसकी नज़रो को देखना कि वह तेरे कौन-कौन से अंगो को चाहत भरी नज़रो से देखता है

डिंपल- अब चुप भी कर तू एक बार शुरू हो जाती है तो चुप होने का नाम ही नही लेती है, चल मैं नहा कर आती हू तू

आराम से टीवी देख और फिर डिंपल नहाने जाने लगती है

स्वीटी- उसे पीछे से पुकारती हुई, मुस्कुरकर पूरी नंगी होकर नहाना जान बहुत मज़ा आएगा

डिंपल- मुस्कुरकर मैं तेरे जैसी बेशरम नही हू और बाथरूम मे घुस जाती है और स्वीटी टीवी ऑन कर लेती है

थोड़ी देर बाद डिंपल नहा कर बाहर आ जाती है और वह सिर्फ़ अपने बदन पर एक वाइट कलर का टॉवेल लपेटे रहती है

उसे देख कर

स्वीटी- अरे वाह डिंपल तू तो बहुत सेक्सी है, पता नही ऐसे कपड़े पहन कर अपने हुस्न को क्यो छुपा लेती है, सनडे को

मैं तुझे ब्यूटी पार्लर ले जाउन्गि और फिर देखना तेरा हुस्न किस कदर लोगो की नींद उड़ा देगा

डिंपल- मुस्कुरा कर तू ना जाने क्या-क्या करवाना चाहती है मुझसे, चल मैं बस 10 मिनिट मे रेडी होकर आती हू फिर

हम चलते है

स्वीटी- यार मैं टीवी से बोर हो रही हू क्या मैं तेरे बेडरूम मे लेट जाउ,

डिंपल- तेरा घर है जो मर्ज़ी हो कर

डिंपल अपने बाल सवारने लग जाती है और स्वीटी उसके बेड पर जाकर आराम से लेट जाती है तभी उसे सामने टेबल पर अवी की

तस्वीर नज़र आती है और वह उस तस्वीर को उठा कर देखने लगती है और तभी डिंपल भी वहाँ आकर अपनी जीन्स और

टीशर्त पहन कर उसके पास बैठ कर बाल संवारती हुई

डिंपल- कैसे घूर कर मेरे भाई को देख रही है खा जाएगी क्या

स्वीटी- एक बात काहु डिंपल तेरा भाई जितना सीधा दिखता है उतना होगा नही, इसकी आँखे देख ऐसा लगता है जैसे कितना

सब चीज़ो के बारे मे जानता हो यह बहुत चालू लगता है

डिंपल- बड़ी आई फेस रीडर, अब तू इतनी होशियार तो नही है कि किसी की आँखे देख कर उसके बारे मे जो चाहे कह दे

स्वीटी- नही मैं तो बस अंदाज़ा लगा रही थी, वैसे इसकी बॉडी और फेस दोनो ही खूबसूरत है पता नही किस खुशनसीब को

अपनी बाँहो मे भर कर उसका रस पिएगा

डिंपल- उसके हाथ से तस्वीर छुड़ा कर, कही तू मेरे भाई को देख कर अपना रस मत छ्चोड़ देना

स्वीटी- क्यो तू अपने भाई को देख कर रस छ्चोड़ने लगती है क्या

डिंपल- चुप कर स्वीटी तू तो बहुत ही बदमाश है

स्वीटी- अच्छा तुम दोनो इसी बेड पर सोते हो ना

डिंपल- हाँ क्यो

स्वीटी- फिर तो रात को वह तुझसे पूरा चिपक कर सोता होगा ना

डिंपल- स्वीटी वह मेरा भाई है

स्वीटी- अब नींद मे उसे कहा याद रहता होगा कि तू उसकी बहन है, अच्छा सच-सच बता कभी तेरी नींद खुलती है

तो क्या वह तुझसे चिपका रहता है

डिंपल- हाँ कभी -कभी वह नींद मे मुझसे चिपक जाता है लेकिन मैं उसे फिर से ठीक से सरका कर सुला देती हू

स्वीटी- अरे तू तो पागल है उससे कस कर चिपक क्यो नही जाया करती है

डिंपल- उसका हाथ पकड़ कर उठती हुई चल मैं उससे चिपकू या कुछ भी करू तुझे उससे क्या

स्वीटी उठ कर उसके साथ बाहर आ जाती है और फिर दोनो स्कूटी मे सवार होकर कॉलेज पहुच जाते है,

करीब 3:30 पर उनका पेरिौड ख़त्म हो जाता है और वो दोनो वापस घर की ओर चल देते है

डिंपल- यार स्वीटी आज तो तेरे घर पर कोई नही होगा फिर तू कैसे अकेली रहेगी

स्वीटी- अरे इसमे प्राब्लम क्या है मुझे तो आदत है,

डिंपल- अगर तेरी इच्छा हो तो चल मेरे घर पर शाम तक रुक जा

स्वीटी- आइडिया बुरा नही है वैसे भी मेरा मन तेरे भाई को देखने का कर रहा है बहुत दिनो से उसे देखा नही है

डिंपल- तो फिर तू तो देख चुकी उसे, वह कही घूम फिर रहा होगा वह कौन सा रात के पहले घर वापस आने वाला है

दोनो बाते करते हुए घर पहुच जाते है और डिंपल घर का लॉक खुला देख कर

डिंपल- अरे स्वीटी तेरी किस्मत तो बहुत अच्छी है लगता है अवी घर पर ही है

दोनो घर के अंदर पहुच जाते है और सामने सोफे पर अवी बैठा हुआ दिखाई देता है

डिंपल- अरे आज तो तू घर पर ही मौजूद है क्या बात है कल से तुझमे बड़ा चेंज आ गया है

स्वीटी- और अवी कैसे हो

अवी- आओ स्वीटी बस अच्छा हू

स्वीटी- मैने सोचा आज अवी से मिल लिया जाए इसलिए मैं भी डिंपल के साथ यहा आ गई

अवी- मुस्कुराते हुए अच्छा किया ना और बताओ भैया और भाभी कैसे है

स्वीटी- सब मज़े मे है, अवी बाते तो स्वीटी से कर रहा था लेकिन बार-बार उसकी नज़रे डिंपल की ओर चली जाती थी

डिंपल- तुम दोनो बाते करो मैं चाइ लेकर आती हू और डिंपल किचन की ओर जाने लगती है और अवी अपनी नज़रे नीचे करके बैठ जाता है

स्वीटी- अवी तुम्हारी स्टडी कैसी चल रही है

अवी- अच्छी चल रही है

स्वीटी-चलो अच्छा है अगले साल से तुम भी हमारे कॉलेज मे आ जाओगे

अवी- हाँ वह तो है

स्वीटी- अपने मन मे अवी को देखती हुई चिकने एक बार हमारे कॉलेज मे तो आ फिर देखना कितनी लड़किया तुझे पूरा

नंगा सोच-सोच कर मूठ मारेगी,

अवी- बैठा-बैठा अपने मन मे साली पता नही कहाँ से पकाने आ गई,

तभी अवी के दिमाग़ मे एक आइडिया आता है और वह सोचता है कि मैं इससे थोड़ा चिपकने की कोशिश करता हू देखता हू दीदी का क्या रिक्षन होता है

अवी- स्वीटी की आँखो के सामने ही उसके मोटे-मोटे दूध को देखने लगता है और स्वीटी उसकी नज़रो को समझ जाती है

और अपने मन मे सोचती है डिंपल तो इसे बहुत सीधा बता रही थी और यह तो मेरे सामने ही मेरे दूध को ऐसे घूर

रहा है जैसे खा जाएगा,

स्वीटी- और अवी कुछ और भी बताओ अपने बारे मे तुम्हे कौन सा गेम पसंद है कौन सा सॉंग पसंद है कौन सा आक्टर

पसंद है

अवी- स्वीटी कुछ काम के सवाल पूछो यह सब तो बेकार की बाते है

स्वीटी- अच्छा तो कौन सी बाते तुम्हे ज़्यादा पसंद है

अवी- कुछ डिफ़्फरेंट सवाल

स्वीटी – मुस्कुराते हुए, अच्छा तो यह बताओ मैं ज़्यादा खूबसूरत हू या डिंपल

अवी – उसको मुस्कुरा कर देखता हुआ, अपने मन मे साली बड़ी बदमाश है फसाने वाले सवाल पूछ रही है

स्वीटी- मुस्कुरा कर क्या हुआ तुम तो मेरे किसी भी सवाल का जवाब नही दे पा रहे हो

अवी- नही ऐसी बात नही है तुम्हारे सवाल का जवाब है मेरे पास

स्वीटी- तो फिर चुप क्यो हो बताओ मैं तुम्हे ज़्यादा खूबसूरत लगती हू या तुम्हारी दीदी

अवी- चेहरे से मेरी दीदी ज़्यादा खूबसूरत लगती है और फिगुर से तुम ज़्यादा खूबसूरत लगती हो

स्वीटी- क्यो डिंपल का फिगर खूबसूरत नही है क्या, लगता है तुमने अपनी दीदी को अच्छे से देखा नही है अगर उसे ठीक

से देखते तो ऐसी बात नही करते, वो क्या है ना वह ज़्यादातर तुम्हारे सामने सलवार कमीज़ मे ही नज़र आई है इसलिए तुम

ऐसा कह रहे हो, एक बार अपनी दीदी को अच्छे से उपर से नीचे तक देखो तब तुम्हे पता चलेगा कि तुम रोज रात को एक हुस्न की मालिका के साथ सोते हो

अवी- स्वीटी की बात सुन कर अवी दम सन्न रह जाता है और अपने मन मे सोचता है स्वीटी जैसी दिखती है उससे कही ज़्यादा बदमाश और चालाक है, मौका लगने पर यह मेरे बहुत काम आ सकती है इससे मुझे अपने रीलेशन और गहरे कर लेना चाहिए,

अवी- अरे स्वीटी माना कि मेरी दीदी का फिगुर भी अच्छा है लेकिन मुझे तो तुम ही ज़्यादा अच्छी लगती हो

स्वीटी- अपने मन मे मुस्कुराते हुए स्पचती है लड़का इतना सीधा तो लगता नही जितना डिंपल समझती है, यह बहुत सोच

समझ कर जवाब दे रहा है ज़रूर इसके मन मे बहुत सी बाते चल रही है,

स्वीटी- अरे अवी तुम तो झूठी तारीफ करने लगे, कही तुम यह तो नही कहना चाहते की मैं बहुत सेक्सी नज़र आती हू

अवी- मुस्कुराते हुए उसके मोटे-मोटे दूध उसकी आँखो के सामने ही देखते हुए पता नही पर तुम लगती अच्छी हो

स्वीटी- उसकी नज़रो को अपने मोटे-मोटे दूध पर चुभते हुए उसकी आँखो मे देखती है और उसके चेहरे से हसी गायब

हो जाती है और वह अपने मन मे सोचती है यह तो बड़ा कमीना है मेरी आँखो के सामने ही मेरे दूध ऐसे देख रहा

है जैसे अभी उन्हे पकड़ कर खा जाएगा, मुझे तो नही लगता यह डिंपल को छोड़ता होगा, रात को जब डिंपल गहरी नींद

मे होती होगी तो यह ज़रूर उसके दूध दबाता होगा,

अवी- मुस्कुराते हुए क्या सोचने लगी

स्वीटी- उससे अपनी नज़रे हटा कर दूसरी ओर देखती हुई कुछ नही

कुछ पॅलो तक उन दोनो के बीच शांति छाई रहती है तभी दूसरी और से डिंपल चाइ लेकर आती है और

डिंपल- क्या बात है तुम दोनो बहुत खामोश बैठे हो,

अवी- मुस्कुराते हुए अरे नही दीदी हमने तो बहुत सारी बाते इतनी देर मे कर डाली

डिंपल- अच्छा, क्या-क्या बाते हो गई तुम्हारे बीच ज़रा मुझे भी तो बताओ

स्वीटी- कुछ नही अवी कह रहा था कि उसकी दीदी इस दुनिया की सबसे खूबसूरत लड़की है

अवी- अपनी आँखे निकाल कर स्वीटी की ओर देखने लगता है और स्वीटी उसको देख कर मुस्कुराते हुए डिंपल की ओर

देखने लगती है,

डिंपल- मुस्कुरा कर और क्या कह रहा था अवी मेरे बारे मे

स्वीटी- अवी को देख कर मुस्कुराते हुए और सब मे तुझे बाद मे बताउन्गि

डिंपल- ऐसा क्या कह रहा था अवी जो तू मुझे बाद मे बताएगी क्यो अवी

अवी- अरे दीदी मैं कुछ नही कह रहा था, स्वीटी तो मज़ाक कर रही है

तीनो की आपस मे बाते होती रहती है और तभी पड़ोस की कोई आंटी डिंपल को बाहर बुला कर बात करने लगती है डिंपल के जाते ही

अवी- अपने चेहरे पर गुस्सा दिखाते हुए, क्यो स्वीटी क्या बकवास कर रही थी तुम दीदी के सामने

स्वीटी- उसे मुस्कुरा कर देखते हुए अब मैने क्या किया है

अवी- तो फिर दीदी से मेरे बारे मे झूठ क्यो कह रही थी

स्वीटी- मैने ऐसा क्या कह दिया जो तुम नाराज़ हो रहे हो

अवी- तो फिर दीदी से क्यो कह रही थी कि दीदी मुझे बहुत अच्छी लगती है

स्वीटी- तुम्ही ने तो कहा था ना कि तुम्हे तुम्हारी दीदी सबसे सुंदर लगती है

अवी- हा कहा था मगर

स्वीटी- मुस्कुराते हुए मगर क्या, लगता है तुम नही चाहते कि तुम अपनी दीदी को जितना लाइक करते हो उसे उस बात का पता ना चले

अवी- अपना सर झुका कर मेरा मतलब वह नही था, पर तुम्हे यह सब दीदी से कहने की ज़रूरत क्या है, आगे से मैं तुमसे

कोई फालतू बात नही करूँगा, तुम चाहे जहाँ बोल देती हो

स्वीटी- अच्छा बाबा नाराज़ क्यो होते हो मुझे क्या पता था कि यह बात डिंपल से नही करना है, और स्वीटी अपने गले को

हाथ लगाकर, अब नही बोलूँगी प्रोमिस, ओके

अवी- मुस्कुराते हुए ओके

स्वीटी- पर यह तो सच है ना कि तुम्हे तुम्हारी दीदी बहुत अच्छी लगती है

अवी- अपना सर नीचे झुका कर मुस्कुराते हुए हाँ वो तो है

स्वीटी- क्या अच्छा लगता है तुम्हे उसमे

अवी- स्वीटी की ओर देखने लगता है

स्वीटी- अरे अब मुझसे क्यो घबरा रहे हो अब मैं आज से तुम्हारी भी दोस्त हू मुझसे कह सकते हो

अब बोलो क्या अच्छा लगता है डिंपल मे तुम्हे

अवी- स्वीटी के पीछे इशारा करता है और स्वीटी अपने पीछे देखती है तो डिंपल वापस आ रही थी

स्वीटी- अवी को देख कर मुस्कुराती हुई अपने होंठो पर उंगली रख कर मुस्कुराती है और अवी उसको देख कर मुस्कुराते

हुए उठ कर अपने रूम की ओर चला जाता है

डिंपल- हाँ डियर अब बोल वो पास मे वेर्मा जी रहते है उनकी बीबी थी बेचारी अकेली है उसके कोई बच्चा है नही और उसके

पति सुबह ही दुकान पर चले जाते है तो कभी-कभी मेरे पास बैठने आ जाती है

स्वीटी- अच्छा वो तो ठीक है पर यह बता तू तो कहती थी तेरा भाई घर पर टिकता ही नही है और दिनभर आवारा गार्दी

करता है पर यह बेचारा तो मैं जब से आई हू घर पर ही है और अब अपने बेडरूम मे चला गया

डिंपल- अरे अब तुझे क्या बताऊ मैं तो खुद हैरान हू, रोज 10 बजे सो कर उठने वाला लड़का आज 6 बजे उठ कर नहा

धोकर तैयार हो गया, स्कूल गया और टाइम से घर भी आ गया, ना जाने इसमे एक ही दिन मे इतना चेंज कहा से आ गया

है, कल से ही बहुत शांत -शांत और गुम्सुम सा लग रहा है और कही बाहर भी नही जा रहा है, और तो और रात को पढ़ाई

भी कर रहा था,

स्वीटी- मेरे ख्याल से तू पढ़ा रही होगी उसे

डिंपल- हाँ मैं ही पढ़ा रही थी

स्वीटी- सुबह जब स्कूल गया था तब तुझसे भी पूछा होगा कि तू कब तक वापस आएगी

डिंपल- आश्चर्या से हाँ पूछा तो था पर तुझे यह सब कैसे पता है

स्वीटी- डिंपल मुझे तो ऐसा लगता है तेरा भाई किसी खास बात की वजह से ही अचानक चेंज हो गया है क्योकि ऐसे एक

दम से कोई नही बदलता और यह भी हो सकता है यह हमारा भ्रम हो और वह एक दो दिन मे फिर से अपने रुटिन पर आ

जाए और फिर आवारगार्दी शुरू कर दे

डिंपल- हाँ तू कह तो ठीक रही है पर काश ऐसा ना हो वरना मैं परेशान हो जाउन्गि

स्वीटी- कुछ सीरीयस होते हुए पर डिंपल मुझे तो लगता है भगवान करे वह वापस वैसा ही हो जाए जैसा था वरना

उसके बदल जाने से तू ज़्यादा परेशान हो जाएगी

डिंपल- मैं तेरा मतलब नही समझी

स्वीटी- वक्त आने पर सब समझ जाएगी

डिंपल- अपने चेहरे पर गुस्सा लाकर स्वीटी को देखते हुए, स्वीटी ये क्या उल्टी सीधी बात कर रही है साफ-साफ क्यो नही

बताती तू क्या कहना चाहती है

स्वीटी- मुस्कुराते हुए अरे यार कुछ बात हो तो ना मैं तुझसे कुछ कहु, वैसे तूने आज बहुत दिनो बाद अच्छी चाइ

बनाई थी, लगता है किचन मे खड़ी-खड़ी चाइ घोतते हुए कही खो गई थी इसीलिए चाइ अच्छी बन गई

डिंपल- मुस्कुराते हुए तुझे अच्छी लगी ना अभी और रखी है एक कप और लाउ क्या

स्वीटी- नही यार बस बहुत हुआ अब मैं चलती हू

डिंपल- अरे तू अकेली है एक काम कर खाना हमारे यहाँ ही खा ले फिर चली जाना

स्वीटी- नही यार मैं खाना वाना तो बहुत लेट खाती हू तू आराम कर मैं कल फिर सुबह जल्दी आ जाउन्गि अगर तुझे कोई

प्राब्लम ना हो तो

डिंपल- मुस्कुराते हुए उसकी पीठ पर मार कर अच्छा अब तेरे आने से मुझे प्राब्लम होगी क्या, मैं सुबह चाइ पर तेरा

वेट करूँगी ओके बाइ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *