अजब प्रेम की गजब कहानी

और फिर डिंपल जल्दी से उठ कर अवी के रूम के पास जाकर उसके दरवाजे से धीरे से अपने कान लगा कर सुनने लगती है और जब उसे कुछ देर तक कोई आवाज़ सुनाई नही देती है तो वह दरवाजे मे कोई सुराग ढूँढने लगती है तभी अचानक उसके पीठ पर कोई हाथ आकर रख जाता है और डिंपल की साँसे वही की वही रुक जाती है और वह एक दम से घबरा जाती है और उसके मूह से चीख निकलते-निकलते रह जाती है और वह जब पलट कर देखती है तो स्वीटी खड़ी-खड़ी मुस्कुरा रही थी

डिंपल- का चेहरा शर्म से लाल हो जाता है और

स्वीटी- क्यो मेडम आधी रात को अपने भाई के रूम मे झाँकते हुए शर्म नही आती

डिंपल- उसे मारती हुई, ज़्यादा नाटक मत कर और ये बता तू तो यहाँ आने वाली थी फिर कहाँ चली गई थी

स्वीटी- मैं तो तुझे ही देख रही थी कि तू सोती है या, पर तू यहाँ क्यो आई थी

डिंपल- मैं भी देखने आई थी कि क्या तू सचमुच मेरे भाई के सामने नंगी होती है या नही

स्वीटी- चल अब बहुत हुआ तेरा ड्रामा और जा अपने भाई के साथ जाकर सो जा, मुझे कितना चलाने की कोशिश करेगी, जब कि तू अच्छी तरह जानती है स्वीटी तेरे दिल की हर बात समझ जाती है, अभी मैं तेरे भाई के पास चली जाउन्गि तो तू रात भर जलती हुई तड़पति रहेगी, इसलिए मैने तेरे भाई का विचार अपने दिल से निकाल दिया है, अब जा और अवी के पास जाकर सो जा

डिंपल- अपना सर झुकाए मुझे नही जाना

स्वीटी- अरे यार शरमाती क्यो है जा चली जा बेचारा तेरे लिए तड़प रहा होगा

डिंपल- तड़पने दे मैं नही जाउन्गि

स्वीटी- ठीक है मैं खुद ही अवी से कह देती हू कि भाई ले अपनी बहन को गोद मे उठा कर ले जा

डिंपल- खबरदार जो उससे ऐसी कोई बात की तो, चल हम तो अपने रूम मे ही सोएगे

स्वीटी- अरे तू समझती क्यो नही है, मैं अकेली सोना चाहती हू वह भी दरवाजा खोल कर, शायद मेरे भैया भाभी की चूत मार कर मेरे रूम मे रात को आ जाए और फिर मुझे भी थोड़ा सहला दे, समझा कर यार

डिंपल- उसका मूह देखती हुई, पर स्वीटी

स्वीटी- अरे यार आज मैं अपने दूध दब्वाने के लिए तरस रही हू, प्लीज़ मान जा ना, मेरा गेट खुला देख कर भैया ज़रूर आकर मेरे दूध दबाएगे और यह भी हो सकता है कि मेरी चूत भी सहला दे सच जब मेरे भैया मेरी फूली हुई चूत को अपनी मुट्ठी मे भर कर मसल्ते है ना तो बहुत मज़ा आता है, अब जा ना दरवाजा और जगा दे अवी को

डिंपल- कुछ सोच कर ठीक है तू कहती है तो मैं अवी के रूम मे सो जाती हू और फिर डिंपल अवी का गेट बजाती है और स्वीटी उसे मुस्कुरकर देखते हुए वापस अपने रूम मे चली जाती है,

अवी- जब दरवाजा खोल कर डिंपल को देखता है तो

अवी- अरे दीदी तुम, और फिर उसके पीछे देखते हुए स्वीटी कहाँ है क्या तुम उसके साथ नही सो रही हो

डिंपल- अंदर आते हुए, हाँ मुझे लगा तू अकेला बोर हो रहा होगा इसलिए यहाँ चली आई

अवी- दरवाजा लगा कर डिंपल को आते ही अपनी गोद मे उठा लेता है और डिंपल धीमी आवाज़ मे

डिंपल- अवी यह क्या कर रहा है

अवी- उसे बेड पर लेटा देता है और उसके साइड मे लेट कर उसे तुरंत अपनी बाँहो मे भर लेता है

डिंपल- उससे छूटने का झूठा नाटक करते हुए, अवी प्लीज़ ये सब मत कर

अवी- अरे दीदी मुझे नही मालूम था कि तुम्हारी इन बाँहो मे इतना सुख मिलता है आज मैं तुम्हे रात भर नही सोने दूँगा

और फिर अवी उसे पागलो की तरह कभी उसके गालो को कभी उसके गले को और कभी उसके होंठो को चूमने लगता है और अपने एक हाथ से उसे अपनी ओर दबाए हुए दूसरे हाथ से उसके मोटे-मोटे दूध को कस कर पकड़ कर दबाने लगता है

और डिंपल अपनी आँखे बंद किए हुए उससे चिपकी रहती है, अवी डिंपल के होंठो को चूस-चूस कर लाल कर देता है और उसका लंड उसके पेंट मे तन कर खड़ा हो जाता है, कुछ देर तक डिंपल को बुरी तरह मसल्ने के बाद

अवी- दीदी आँखे खोलो ना

डिंपल- अपनी आँखे खोल कर उसे देखती है और अवी यह क्या कर रही थी तुम मुझसे चिपक कर

डिंपल मुस्कुराते हुए उसके सीने पर मारती हुई छ्चोड़ मुझे

अवी- दीदी मैं तुम्हारी जीन्स उतार दू

डिंपल- एक दम से बैठते हुए, उसको घूर कर देखती हुई तू पागल हो गया है, तूने सोच भी कैसे लिया कि मैं तेरे सामने

अवी- प्लीज़ दीदी उतार दो ना मैं तुम्हे पूरी नंगी देखना चाहता हू

डिंपल- उसको गुस्से से देखती हुई, तुझे शर्म नही आती मुझसे ऐसी बात कहते हुए

अवी- तो इसमे ग़लत क्या है मैं तुम्हे पूरी नंगी करके अपने सीने से लगाना चाहता हू

डिंपल- अवी बहुत हो गया तेरा नाटक अब होश मे आ जा

अवी- एक दम से उसके होंठ चूस्ते हुए उसके मोटे-मोटे दूध को मसल देता है और डिंपल उसे एक झटके मे दूर करके बेड से उतार कर खड़ी हो जाती है

अवी- दीदी यह क्या है तुम मेरी बात सीधे -सीधे मनोगी या नही

डिंपल- गुस्से से उसे देखती हुई कभी नही

अवी- ठीक है तो मैं तुम्हे ज़बरदस्ती नंगी कर दूँगा

डिंपल- अपनी उंगली दिखाते हुए गुस्से से मुझे हाथ भी लगाया तो मैं तेरा मूह तोड़ दूँगी

अवी- जब तुम्हे कुछ नही करना था तो क्यो आई थी यहा जाओ वापस चली जाओ, और आज के बाद मुझसे बात मत करना

डिंपल- कुछ नरम पड़ते हुए देख अवी जो तू चाह रहा है वह ग़लत है और मैं तेरे साथ ऐसा नही कर सकती हू

अवी- ग़लत ही सही पर मैं तुम्हे नंगी देखना चाहता हू

डिंपल- अवी प्लीज़ चुप हो जा और उधर सरक मुझे सोने दे

अवी -दूसरी तरफ सरक जाता है और डिंपल उसके बगल मे लेट कर उसकी ओर अपनी पीठ कर लेती है अवी उसके साथ कस कर चिपक जाता है और

अवी- ठीक है दीदी तुम आज जब सो जाओगी तब मैं रात को तुम्हे चुपचाप नंगी कर दूँगा

डिंपल- चुप चाप लेटी रहती है और अवी उसके ठोस दूध को अपने हाथ मे दबोच कर कस कर मसल्ते हुए, सच दीदी तुम्हारे दूध कितने मस्त है, तुम्ह नंगी कितनी सुंदर लगती होगी, अच्छा कम से कम अपनी ये टीशर्ट ही उतार दो और फिर अवी उसकी टीशर्ट को उपर सरकाने लगता है और डिंपल एक दम से पेट के बल लेट जाती है अवी थोड़ा उठ कर उसकी टीशर्ट को उसकी पीठ पर चढ़ा कर उसकी नंगी पीठ को चूमने लगता है और डिंपल अपनी आँखे बंद किए हुए, सिसकिया लेने लगती है

अवी उसकी टीशर्ट के अंदर से अपना हाथ डाल कर उसके पेट के नीचे ले जाता है और फिर उसे थोड़ा उठा कर उसकी टीशर्ट को उसके दूध के उपर तक चढ़ा कर जब उसके मोटे-मोटे नंगे दूध को अपने हाथ मे पकड़ कर मसलता है तो उसे मज़ा आ जाता है और डिंपल की साँसे बहुत तेज चलने लगती है, अवी उसे घुमा कर अपनी ओर कर लेता है डिंपल अपनी आँखे बंद किए हुए पड़ी रहती है और अवी उसकी मोटी-मोटी चुचियो को खूब कस कर मसल्ते हुए उसकी एक चुचि के गुलाबी निप्पल को अपने मूह मे भर लेता है और डिंपल एक दम से सीसियाते हुए उसके साथ कस कर चिपक जाती है,

अवी उसके दूध को अपने दांतो से हल्के-हल्के काटते हुए अपना हाथ उसके पीछे लेजा कर उसकी मोटी गदराई गंद को अपने हाथो से दबोचने लगता है और डिंपल की चूत से भी पानी आने लग जाता है, कुछ देर तक अवी उसके दूध को चूस्ता रहता है उसके बाद वह उसकी टीशर्ट को उतार कर अलग कर देता है और डिंपल अपनी आँखे बंद किए हुए पड़ी रहती है अवी पागलो की तरह उसको देखता रहता है और फिर जल्दी से अपने सारे कपड़े उतार कर पूरा नंगा हो जाता है और जब वह डिंपल की नंगी छातियो को अपनी नंगी छातियो से चिपकाता है तो डिंपल एक दम से पागल हो जाती है और अवी से कस कर चिपकते हुए उसके होंठो को पागलो की तरह चूमने लगती है अवी एक दम से उसके जीन्स के उपर से ही उसकी फूली हुई चूत को अपने पंजो मे भर कर दबोच लेता है और डिंपल उससे कस कर चिपक जाती है,

अवी- दीदी अब तो उतार दू तुम्हारी जीन्स और उसका हाथ पकड़ कर जैसे ही अपने खड़े लंड पर रखता है डिंपल एक दम से आँखे खोल कर उसके लंड को देखने लगती है और अवी उसके होंठो को चूस्ता हुआ उसके हाथ को अपने लंड पर दबा देता है डिंपल उसके लंड को पकड़ने मे शरमाने लगती है तब अवी उसकी जीन्स के बेटॉन खोलकर उसकी जीन्स को नीचे सरका देता है और जब वह अपनी दीदी की वाइट पेंटी मे फूली हुई गुदाज चूत को देखता है तो सीधा अपना मूह उसकी चूत के उपर रख कर उसे अपने मूह से दबाने लग जाता है और डिंपल आह-आह करने लगती है, अवी अपने हाथ को उसकी पेंटी के अंदर डाल कर उसकी चूत को अपने हाथो मे भर कर कस कर दबोच लेता है और डिंपल उससे कस कर चिपक जाती है

दोनो एक दूसरे से पूरे नंगे होकर चिपके रहते है उस रात अवी और डिंपल के बीच शारीरिक संबंध बन जाते है और

फिर कुछ दिन वो लोग गाँव मे एंजाय करते है उसके बाद वापस अपनी दुनिया मे आकर उनकी रोज की दिनचर्या शुरू हो जाती है,

Finished

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