अजब प्रेम की गजब कहानी

स्वीटी- मुस्कुराते हुए यार मुझे तेरा प्राब्लम समझ मे नही आता है, ना तो तू मुझे अपने भाई से चुदने देती है

ना ही खुद के भाई से चुदने देती है, अब चुदवाउन्गि तो मैं या तो अवी से या फिर मेरे भैया से अब तू ही फ़ैसला करके मुझे

बता दे कि मुझे किससे चुदना चाहिए

डिंपल- अपने मूह से थूक अपने गले मे घुतकते हुए, अपने सर को नीचे करके, स्वीटी वैसे अगर तू यह सब करना ही

चाहती है तो अपने भैया से ही कर ले, और फिर अपनी नज़रे स्वीटी से मिला कर, तेरे भैया तुझे तेरे घर मे ही चोद

देगे और कोई टेन्षन भी नही रहेगा

स्वीटी- मुस्कुराते हुए, मैं तो तुझे पहले ही कह रही थी कि मुझे मेरे भैया से चुदना चाहिए पर तू चलने नही

दे रही थी, तेरा आइडिया एक दम ठीक है मुझे अपने भैया से ही अपनी चूत मरवानी चाहिए

डिंपल- कुछ खुश होती हुई उसकी ओर देख कर मुस्कुराने लगती है और स्वीटी अपने मन मे सोचने लगती है, ज़रूर

डिंपल तो अपने भाई को मन ही मन चाहती है तभी तो उसे मुझसे दूर करने के लिए अपने सिद्धांतो की भी बलि देकर

मुझे मेरे ही भाई से चुदने की राय दे रही है,

डिंपल- पीछे की ओर देखते हुए पर स्वीटी ये लोग कहाँ रह गये मुझे तो बहुत टेन्षन हो रही है, तेरी भाभी के पास

मोबाइल होगा ना ज़रा उन्हे ट्राइ कर ना

स्वीटी- अपन मोबाइल निकालते हुए, अरे मेडम इसमे तो नेटवर्क ही नही आ रहा है,

डिंपल- चल ना स्वीटी हम भी वापस चलते है

स्वीटी- अरे यार पता चला हम लोग घर चले गये और वह दोनो हमे यहाँ ढूँढने आ गये एक काम कर कुछ देर और

इंतजार करते है नही तो फिर चलते है

अवी- शालिनी के घुटनो को हाथ लगा कर थोड़ा सा फैलाते हुए उसकी मस्तानी रसीली चूत को देखते हुए, भाभी सो गई क्या

शालिनी- अपनी आँखे खोलते हुए, अवी तुमने फिर से मुझे भाभी कहा

अवी- ओह सॉरी शालिनी

अवी मुस्कुरकर शालिनी के खूबसूरत चेहरे को देखने लगता है और

शालिनी- मुस्कुराते हुए ऐसे क्या देख रहे हो कही मुझे खा जाने का इरादा तो नही है, वैसे भी जब मर्दो को किसी अकेली

औरत का साथ मिलता है तो मैं अच्छी तरह जानती हू उनके दिमाग़ मे क्या चलता रहता है

अवी- अच्छा तो बताओ मेरे दिमाग़ मे इस समय क्या चल रहा है,

शालिनी- अरे अभी तो तुमसे दोस्ती हुई है और तुम चाहते हो कि मैं तुमसे अभी पूरी तरह ओपन हो जाउ

अवी- मुस्कुराते हुए, पर मेरे हिसाब से तो तुम बहुत ज़्यादा ओपन हो चुकी हो

शालिनी- खड़ी होते हुए, अभी तुमने देखा ही क्या है, जब कभी शालिनी तुम्हारे सामने ओपन होगी तो तुम्हे पता चलेगा

की शालिनी क्या चीज़ है, चलो अब हम लोग चलते है पता नही वह दोनो कहाँ पहुच गई होगी

अवी- उसके साथ चलते हुए, शालिनी एक बात कहु

शालिनी- क्या

अवी- तुम भी जीन्स पहन कर आती तो अच्छा रहता

शालिनी- क्यो तुम्हे मेरे भी चूतादो को घूर्ना था क्या

अवी- शालिनी बुरा मत मानना पर तुम स्वीटी से भी ज़्यादा सेक्सी लगती हो

शालिनी- मुस्कुराते हुए और डिंपल की तुलना मे

अवी- मुस्कुराता हुआ, उससे भी ज़्यादा

शालिनी- उसकी ओर देख कर अचानक उसका हाथ पकड़ कर चलो एक मिनिट वापस पेड़ के पीछे चलो

अवी- उसे आश्चर्या से देखता हुआ, क्या हुआ शालिनी वापस क्यो ले जा रही हो

शालिनी- उसे पेड़ के पीछे लेजा कर पेड़ से अचानक अवी को सताते हुए, सीधे-सीधे क्यो नही कहते कि तुम मुझे चोदना

चाहते हो

अवी- आश्चर्या से उसे देखता हुआ, ये क्या कह रही हो भाभी

शालिनी- अचानक उसका मूह पकड़ कर एक गहरा किस उसके होंठो पर कर देती है और फिर अचानक उसका लंड उसके पेंट के

उपर से पकड़ कर, अवी तुम मुझे बहुत अच्छे लगते हो प्लीज़ एक बार मुझे अपनी बाँहो मे भर कर मसल दो ना, तुम

नही जानते मैं कितनी सेक्सी हू, मुझे नरेन्द्र से अपनी चूत मरवा-मरवा कर बोरियत होने लगी है, अब मुझे तुम जैसे

चिकने लड़के का लंड लेने की इच्छा है, और उसकी आँखो मे देखते हुए बोलो चोदेगे मुझे

अवी- उसकी और आँखे फाड़ कर देखता हुआ,

लेकिन भाभी यहाँ

शालिनी- अरे तो क्या हुआ, अभी देखो यहा से दूर-दूर तक कोई नज़र नही आ रहा है, चलो अब जल्दी से अपनी चैन खोल कर

अपना लंड बाहर निकालो

अवी- लेकिन भाभी

शालिनी- अरे तुम तो बच्चो की तरह शर्मा रहे हो पहले कभी किसी औरत को चोदा नही है क्या, लाओ मैं खोल देती हू

और फिर शालिनी जल्दी से उसकी चैन खोल कर अवी के मोटे लंड को अपने हाथ मे पकड़ कर बाहर निकाल लेती है और अवी का

लंड एक दम से झटके मारने लगता है उसका चेहरा एक दम से लाल हो जाता है, शालिनी उसके मोटे लंड को पकड़ कर सहलाते

हुए

शालिनी- वाह अवी तुम्हारा लंड तो बहुत मस्त हो रहा है, तभी तो बड़ी आँखे फाड़-फाड़ के मेरी गदराई जवानी को घूर

रहे थे अब घबरा क्यो रहे हो और उसका हाथ पकड़ कर अपने मोटे-मोटे कसे हुए दूध पर रखते हुए, लो अवी इन्हे

थोडा कस-कस कर मस्लो,

अवी- उसका चेहरा देखता हुआ धीरे-धीरे उसके दूध को अपने काँपते हाथो से दबाने लगता है

शालिनी- अरे यार अवी तुम तो लड़कियो की तरह घबरा रहे हो और उसके हाथ के उपर अपने हाथ का दबाव देती हुई, थोड़ा कस

कर मस्लो ना,

अवी- अब कुछ जोश मे आ जाता है और उसके मोटे-मोटे दूध को कस-कस कर मसल्ने लगता है और शालिनी उसका मोटा लंड

दबाते हुए, आह ऐसे ही और ज़ोर से दबाओ, आह-आह शाबाश, और फिर अवी के सर के पीछे शालिनी अपना हाथ लेजा कर उसके

होंठो को चूमती हुई

शालिनी- हाय कितने रसीले होंठ है तुम्हारे कोई भी लड़की तुम्हारे होंठो को देख कर चूसने के लिए मर मितेगी, क्या अभी

तक तुमने किसी को चोदा नही है

अवी- उसके दूध को दबाता हुआ उसके होंठो को चूम कर नही भाभी तुम पहली औरत हो जिसके मैं इस तरह से दूध

मसल रहा हू

शालिनी- अरे तुम तो पागल हो, तुम्हारी बहन डिंपल को देखो कितनी गदरा रही है, उसकी मोटी-मोटी गंद देख कर भी

तुम्हारा लंड खड़ा नही होता है क्या, अरे अब वह बिल्कुल चोदने लायक हो रही है, तुम्हारे पास तो इतना अच्छा मौका है

उसे पकड़ कर कस कर उसके दूध दबाते हुए उसे चूम लो एक बार तुमने उसके कसे हुए दूध को तबीयत से मसल दिया

ना तो वह खुद ही तुम्हे अपनी गदराई चूत और गंद खोल कर दे देगी, तुम नही जानते इस उमर मे लड़किया बहुत जल्दी

चुदने को तैयार हो जाती है, कही ऐसा ना हो कि तुम मूह देखते रह जाओ और कोई और तुम्हारी डिंपल रानी की चूत मार जाए

अवी- उसकी बाते सुनते हुए उसके दूध दबा रहा था और अपने मन मे सोच रहा था भाभी बिल्कुल ठीक कह रही है, दीदी

अब पूरी जवान हो गई है, मुझे कुछ करना पड़ेगा नही तो पता नही वह किसी से फस गई तो फिर वह मेरे हाथ कभी

नही आएगी,

शालिनी- अरे अवी कहाँ खो गये, और अपने कुर्ते को उपर उठा कर अपना गुदाज चिकना पेट दिखाते हुए, चलो मेरा पाजामा

खोल कर नीचे सरका दो

अवी- मुस्कुरकर उसकी जाँघो के बीच से उसकी फटी हुई सलवार मे अपना हाथ डाल कर भाभी आपको पाजामा उतारने की

ज़रूरत नही है और उसकी रसीली चूत को अपने हाथो से पकड़ लेता है

शालिनी- मुस्कुराते हुए, उसके होंठो को चूम कर, मतलब तुम्हे पहले से पता था कि मेरी सलवार फटी हुई है

अवी- उसके दूध दबाता हुआ, हा भाभी और मैं तो कब से तुम्हारी इस रसीली बुर को देख चुका हू बहुत ही गुलाबी चूत है

तुम्हारी

शालिनी- आह अवी अब देर मत करो और मेरी चूत मे अपना मस्त लंड पेल दो

अवी- पर भाभी यहाँ कैसे करेगे

शालिनी- अरे सब बन जाएगा और शालिनी अपने दुपट्टे को बैठ कर अपने पीछे रख कर उस पर अपना सर रख कर लेट जाती है

और अपनी जाँघो को फैलाकर मुस्कुराते हुए उसकी ओर अपने दोनो हाथ फैलाकर, अब आ भी जाओ अवी मैं बहुत तड़प रही

हू, आज कस-कस कर मुझे चोद दो

अवी- एक नज़र इधर उधर मारता हुआ उसकी जाँघो के बीच आकर अपने लंड को उसकी चूत के छेद से लगाकर सीधा उसके

उपर लेट जाता है और उसका मोटा लंड सॅट से शालिनी की चूत को चीरता हुआ अंदर समा जाता है, अवी उसके उपर पूरा लेट कर

अपने लंड को धीरे-धीरे उसकी चूत मे मारने लगता है और शालिनी उसे अपने सीने से चिपका लेती है और पागलो की तरह उसे

चूमने लगती है, अवी कुछ डर भी रहा था कि कही कोई आ ना जाए और वह जल्दी-जल्दी अपने लंड को उसकी चूत मे अंदर

बाहर करने लगता है, शालिनी आह-आह करती हुई अपनी चूत को उसके लंड की ओर मारने लगती है, और

शालिनी- अवी ज़्यादा जल्दिबाजी मत करना प्लीज़ मुझे खूब देर तक ऐसे ही चोद्ते रहना

अवी- भाभी जल्दी से कर लो कही कोई आ ना जाए

शालिनी- आह थोड़ा कस के मारो ना आ और थोड़ा तेज

अवी- उसके होंठो को चूमते हुए उसके दूध को अपने दोनो हाथो मैं कस कर आह भाभी बहुत अच्छा लग रहा है

मुझे नही पता था कि औरतो को चोदने मे इतना मज़ा आता है, लो भाभी, ओर कस कर अवी उसकी चूत मे अपने लंड को पेल

देता है

शालिनी- आह अवी तू तो बहुत अच्छा चोद्ता है रे मेरी चूत मे तो बहुत मीठी-मीठी खुजली हो रही है, आह आह ओह अवी

ऐसे ही और ज़ोर से मार आह आह

कुछ देर तक दोनो तरफ से झटके पड़ने के बाद अवी की पिचकारी शालिनी की चूत मे छूट जाती है और फिर वह उठ कर हांफता

हुआ बैठ जाता है और शालिनी मुस्कुराते हुए अपनी चूत को सहला कर,

शालिनी- वाह अवी जब तूने यहाँ ज़मीन पर ही इतना मज़ा दे दिया तो अगर बेड पर तुझसे चुदवाउंगी तो कितना मज़ा आएगा

अवी- भाभी क्या हमने ठीक किया है

शालिनी- उसे मुस्कुरकर देखते हुए, पागल है क्या जो बच्चो जैसी बात कर रहा है, देख हम दोनो दोस्त है और यह सब

हमारे बीच जो भी हुआ यह हमेशा सेकरीट ही रहना चाहिए, समझे और इसके अलावा तुझे कुछ भी सोचने की ज़रूरत

नही है, अब अपने लंड को अंदर डाल ले और चल अब हम चलते है,

अवी- भाभी 5 मिनिट और बैठो ना फिर चलते है

शालिनी- अच्छा ठीक है, अवी खड़ा होकर अपने लंड को अंदर कर लेता है और फिर शालिनी के पास बैठ जाता है

शालिनी- आज तूने सचमुच पहली बार चोदा है

अवी- आपकी कसम भाभी

शालिनी- मतलब तूने अभी तक किसी औरत की चूत भी नही चाती होगी

अवी- मुस्कुरकर, नही भाभी लेकिन चाटना चाहता हू

शालिनी- मुस्कुरकर अभी चतेगा

अवी- नही अभी नही

शालिनी- क्यो अभी घिन आ रही है क्या

अवी- नही ऐसी बात नही है पर चूत चाटने का मज़ा चुदाई के पहले ज़्यादा आता है

शालिनी- तुझे कैसे पता, कही तूने डिंपल की चूत तो नही चाती

अवी- मुस्कुराते हुए, अगर उसकी चूत चाती होती तो उसे चोद भी चुका होता

शालिनी- हुम्म कह तो तू ठीक रहा है पर एक बात बता, क्या तेरा मन नही होता डिंपल को अपनी बाँहो मे भर कर चूमने

का, अगर मैं तेरी जगह होती तो उसे पूरी नंगी करके इस कदर चोदती कि वह मेरे लंड के पीछे-पीछे घूमती नज़र आती

अवी- भाभी वह मेरी दीदी है मैं उसके साथ ऐसा कैसे कर सकता हू

शालिनी- पहले यह बता तेरा मन उसके साथ यह सब करने का है कि नही

अवी- इस बारे मे मैने कभी सोचा नही भाभी

शालिनी- अच्छा ठीक है तू इस बारे मे सोच कर मुझे बता, हो सकता है मैं तेरी कुछ मदद कर सकु

अवी- उसकी ओर देख कर वह कैसे

शालिनी- मुस्कुराते हुए, अब जब तेरा मन ही नही है तो बात करने से फ़ायदा क्या

अवी- मैने कहा ना मैं सोचूँगा, कभी मेरा मन हुआ तो, इसलिए पूछ रहा हू कि आप कैसे मेरी मदद कर सकती है

शालिनी- मुस्कुरकर, मैं जब उसको तेरे मस्त लंड के बारे मे बताउन्गि तो वह खुद ही तुझसे चुदवाने के लिए तड़पने लग

जाएगी,

अवी- मुस्कुरकर नही भाभी उसे मेरे लंड के बारे मे मत बताना नही तो वह समझ जाएगी कि तुमने मेरा लंड देखा

है और मुझसे चुद चुकी हो

शालिनी- उठते हुए तू डरता बहुत है अवी, मुझे एक बात बता, अगर मान ले तू डिंपल के मोटे-मोटे दूध को कस कर दबा

देगा तो क्या वह तेरे पापा को बता पाएगी कि तूने उसके दूध दबाए है

अवी- कुछ सोच कर, नही भाभी वह किसी को नही बता पाएगी

शालिनी- मेरे ख्याल से तू मेरी बात समझ गया होगा अब उठ और चल, वो दोनो हमारा इंतजार कर रही होगी.

दोनो उठ कर चल देते है और अवी और शालिनी चलते-चलते अपने कपड़े को झाड़ते हुए अपने आप को दुरुस्त करने लगते

है,

अवी- अच्छा भाभी वो दोनो जब हमसे पूछेगी कि इतनी देर कहाँ रह गये थे तो उनसे क्या कहना है

शालिनी- अरे कह देंगे कि मेरे पेर मे मोच आ गई थी और बहुत देर तक मुझसे चलते ही नही बना इसलिए एक जगह बैठ

गये थे,

अवी- मुस्कुरकर ठीक है आप ही कहना मुझसे झूठ नही बोला जाएगा

शालिनी- ठीक है तो सच बता देना, शायद वो दोनो भी तुझसे अपनी चूत मरवा ले

अवी- मुस्कुराता हुआ, तुम बहुत चालू हो भाभी

शालिनी- मुस्कुराते हुए, तू भी कम नही है

डिंपल- अरे स्वीटी वो देख अवी और भाभी वो आ रहे है

स्वीटी- उठ कर देखती हुई, हाँ वो तो है पर यह भाभी कुछ लॅग्डा कर क्यो चल रही है, कही अवी ने उन्हे पेड़ के नीचे

चोद तो नही दिया

डिंपल- मुस्कुरकर उसकी पीठ मे मारती हुई, खुराफाती कही की चूत, लंड, चोदना, चुदाई इन शब्दो के अलावा भी तुझे

कुछ सूझता है कि नही

स्वीटी- अरे यार मैं मज़ाक नही कर रही हू, तू खुद ही देख भाभी लॅग्डा कर चल रही है कि नही और फिर मुस्कुराते

हुए डिंपल को देख कर, डिंपल मुझे तो ताज्जुब हो रहा है कि अवी ने ऐसे कितनी देर तक भाभी की चूत मारी होगी जो

बिचारी से चला तक नही जा रहा है, लगता है तेरे भाई का लंड बहुत मोटा तगड़ा है

डिंपल- उसको देख कर मुस्कुराते हुए, तुझे क्या करना है तुझे तो अपने भैया से अपनी चूत मराना है ना

स्वीटी- अच्छा तुझे यकीन नही होता तो एक काम करना भाभी से पूछ लेना कि आप लंगड़ा क्यो रही हो, वह ज़रूर यह

कहेगी कि उसके पाँव मे मोच आ गई थी

डिंपल- अरे भाभी इतनी देर कहाँ रह गई थी और आप लंगड़ा क्यो रही हो

शालिनी- अरे क्या बताऊ चलते-च्लते एक दम से पेर मूड गया और बहुत गहरी मोच आ गई थी और मुझसे बिल्कुल भी चला

नही जा रहा था इसलिए हम कुछ देर एक पेड़ के नीचे बैठ गये बहुत देर पेर की नासो की मालिश करने के बाद कुछ दर्द

कम हुआ तब जाकर यहा तक आए है

स्वीटी- मुस्कुरा कर, चलो कोई बात नही पर अब क्या करना है खेतो की तरफ चलना है या घर वापस चलना है

शालिनी- अरे अब यहाँ तक आ ही गये है तो चलो अब खेत दूर ही कितने है वहाँ बढ़िया आम के पेड़ है कुछ देर खा पीकर

वही अपनी बोरिंग के ठंडे पानी से हाथ पेर धोकर फिर आएगे, क्यो डिंपल क्या कहती हो

डिंपल- मुस्कुरकर ठीक है भाभी चलो और फिर चारो लोग खेत की ओर चल देते है,

खेत पर पहुच कर वहाँ काम करने वाले हाली उनके लिए झोड़ी के अंदर से खाट निकाल कर लाते है और वह लोग वहाँ बैठ

जाते है,

शालिनी- चलो पहले कुछ जाम के पेड़ के पास चल कर वही जाम खाएगे

अवी- भाई आप लोग जाओ मैं तो थक गया हू, थोड़ा इसी चारपाई पर लेट कर आराम करूँगा

स्वीटी- डिंपल तू भी यही बैठ थक गई होगी मैं और भाभी तुम लोगो के लिए जाम लेकर आते है

डिंपल- एक दम से खाट से उठते हुए नही मैं भी चलती हू ना, तभी अवी उसका हाथ पकड़ कर फिर से बैठा लेता है और

शालिनी और स्वीटी दोनो अवी की उस हरकत को देख कर मुस्कुराते हुए,

शालिनी- अरे डिंपल लगता है अवी को तुमसे कुछ बात करना है तुम यही रूको हम दोनो आते है और फिर शालिनी और

स्वीटी वहाँ से चल देते है और वहाँ से 100 मीटर की दूरी पर ही खेत के करीब छ्होटा सा बगीचा रहता है जिस और वो लोग जाने लगते है,

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